
हरिद्वार। (रिपोर्टर प्रमेन्द्र नारायण)
सुभाषनगर में पर्वतीय मैदानी एकता समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नई नियुक्तियों के साथ एकता और सौहार्द का संदेश दिया गया। बैठक के दौरान पवन ठाकुर को जिलाध्यक्ष, बिक्रमजीत सिंह को प्रदेश मीडिया प्रभारी, सागर ठाकुर को जिला मीडिया प्रभारी और सुरेंद्र ठाकुर को संगठन मंत्री नियुक्त किया गया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष (एडवोकेट) पी.के. अग्रवाल ने कहा कि कुछ लोग उत्तराखंड में विभाजन की खाई खोदने का कार्य कर रहे हैं, जो न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड में रहने वाला हर व्यक्ति उत्तराखंडी है, पर्वतीय और मैदानी में भेद करना गलत है। जो लोग बांटने की राजनीति कर रहे हैं, वे प्रदेश की एकता को कमजोर कर रहे हैं।”

उन्होंने घोषणा की कि 16 नवम्बर को हरकी पैड़ी से ललतारो पुल तक एक विशाल एकता रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोगों को एकता और भाईचारे का संदेश दिया जाएगा। अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड पर्वत जैसा है—जो ऊँचा होकर भी सबको जोड़ता है, बाँटता नहीं।
महिला प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह ने कहा कि पर्वतीय और मैदानी के बीच जो खाई पहले बहुत छोटी थी, उसे अब कुछ लोगों ने और चौड़ा करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मंच इस खाई को पाटने का काम करेगा और “अस्थायी व मूल निवास” जैसे मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से रखेगा।
किरण सिंह ने कहा, “जो लोग गंगा का पानी रोकने या बांटने जैसी बातें करते हैं, वे उत्तराखंडी नहीं हैं। ऐसे भड़काऊ बयान देने वाले विधायकों को सरकार तुरंत पदमुक्त करे।” उन्होंने मांग की कि सरकार को इस पर मौन नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्पष्ट कार्रवाई करनी चाहिए।
जिलाध्यक्ष पवन ठाकुर ने कहा कि समिति पर्वतीय और मैदानी के बीच कोई भेदभाव नहीं करती। राज्य निर्माण में सभी का समान योगदान रहा है। उन्होंने कहा, “जनता अब जाग चुकी है, जो भेदभाव की राजनीति करेगा, जनता उसे जवाब देगी। आने वाले समय में सड़क पर एकता की आवाज गूंजेगी।”
बैठक में राजेंद्र पाराशर, अरुणा शर्मा, लव दत्ता, जितेंद्र चौधरी, सर्विंद्र कुमार, जितेंद्र शर्मा, मोहम्मद नदीम, महावीर चौधरी, सतीश चंद्र गर्ग, वंदना गुप्ता, चंद्रमा प्रसाद समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।



