
(उत्तराखंड टाइम टीवी)
हरिद्वार। उत्तराखण्ड में कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा पहाड़–मैदान को लेकर दिए जा रहे भड़काऊ बयानों के विरोध में पर्वतीय–मैदानी एकता मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक सुभाष नगर, हरिद्वार में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता पी.के. अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि पर्वत और मैदान के लोग भाई-भाई हैं, और जो लोग भेदभाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ऐसे बयानों पर चुप क्यों है — क्या उसकी भी इसमें सहमति है?

उपाध्यक्ष लक्ष्मी अग्रवाल ने कहा — “मैं पहाड़ की बेटी और मैदान की बहू हूं, हमें किसी तरह का भेदभाव महसूस नहीं होता। कुछ लोग समाज में खाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, हम उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होने देंगे।”
प्रदेश महिला अध्यक्ष किरण सिंह ने बताया कि मंच जल्द ही हरिद्वार में एक बड़े स्तर पर पर्वत–मैदान एकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने कहा — “उत्तराखण्ड को उत्तराखण्ड ही रहने दें, इसे पहाड़–मैदान बताकर हिन्दुस्तान–पाकिस्तान न बनाएं। पहाड़ और मैदान एक सिक्के के दो पहलू हैं।”
सदस्य सुरेन्द्र ठाकुर ने कहा कि जब प्रेमचंद अग्रवाल के बयान पर कार्रवाई हो सकती है, तो उन पर क्यों नहीं जो प्रदेश में भेदभाव फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
बैठक में पी.के. अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल, किरण सिंह, कुलवंत सिंह चड्ढा, आरती तिवारी, अनिल राणा, सुरेन्द्र ठाकुर, राजेन्द्र मौर्य, उदय बंसल, रोहित चौहान सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
संदेश स्पष्ट — उत्तराखण्ड एक है, एक रहेगा।



