मुख्यमंत्री धामी ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर और नक्षत्र वाटिका की रखी आधारशिला, मुख्य द्वार व दंत चिकित्सालय का किया लोकार्पण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय परिसर में 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इनमें 20.21 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का शिलान्यास और 34 लाख रुपये की दो योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इन योजनाओं से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री ने परिसर में प्रस्तावित प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर और नक्षत्र वाटिका का शिलान्यास किया। वहीं, विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार और दंत चिकित्सालय का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की तथा स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। विश्वविद्यालय में नई सुविधाओं के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों पर समाज की बड़ी जिम्मेदारी होती है। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण के भाव से कार्य करना चाहिए।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए केंद्र को भेजा प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा नौ नर्सिंग कॉलेज और तीन नर्सिंग स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण हो रहा है। ऊधमसिंह नगर के किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से एम्स सैटेलाइट सेंटर बनाया जा रहा है। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस जैसी सेवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच मजबूत की जा रही है।
35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। बीते पांच वर्षों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान और वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला। मुख्यमंत्री ने जर्मनी में रोजगार प्राप्त करने वाली उत्तराखण्ड की सपना राणा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के युवा अपने कौशल और प्रतिभा से देश-विदेश में पहचान बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी एम्स, पीजीआई, रेलवे और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है।
कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. भानु दुग्गल, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।





