
चमोली। विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट यात्रा वर्ष 2026 में सोमवार, 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। विजयदशमी के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में विधि-विधान के साथ कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा की गई। कपाट बंद होने से पहले 12 नवंबर से पंच पूजाओं का क्रम शुरू होगा।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि कपाट बंद होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित अन्य मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि कपाट बंद होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश में शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किया जाएगा।
धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों की उपस्थिति में कपाट बंद होने की तिथि की विधिवत घोषणा की। इससे पहले धर्माधिकारी आचार्य स्वयंबर सेमवाल और वेदपाठी डॉ. रवीन्द्र भट्ट व आचार्य वाणी विलास डिमरी ने पूजा-अर्चना और पंचांग गणना के बाद तिथि निर्धारित की। इस अवसर पर नवरात्रि और उर्वशी माता की पूजा का समापन हवन-यज्ञ के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
12 नवंबर से शुरू होंगी पंच पूजाएं
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार, 12 नवंबर को भगवान गणेश का पूजन होगा। 13 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। 14 नवंबर को खड्ग पुस्तक पूजन के साथ वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा। 15 नवंबर को माता लक्ष्मी को कढ़ाई भोग अर्पित किया जाएगा और भगवान बदरीविशाल को लक्ष्मी जी के मंदिर में आगमन का निमंत्रण दिया जाएगा।
16 नवंबर को माता लक्ष्मी श्री बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होंगी। भगवान कुबेर और उद्धव जी मंदिर परिसर में आ जाएंगे। इसके बाद रात 9 बजकर 37 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
17 नवंबर से शुरू होगा शीतकालीन प्रवास
कपाट बंद होने के अगले दिन 17 नवंबर को भगवान उद्धव और कुबेर जी योग बदरी पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां शीतकाल में उनकी पूजा-अर्चना होगी। भगवान गरुड़ जी सीधे ज्योतिर्मठ जाएंगे, जबकि आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी रावल और नायब रावल के साथ योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंचेगी। 18 नवंबर को शंकराचार्य जी की गद्दी श्री नृसिंह मंदिर, ज्योतिर्मठ में विराजमान होगी। इसके साथ ही यात्रा वर्ष 2026 की बदरीनाथ यात्रा का समापन हो जाएगा।
केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट भी होंगे बंद
चारधाम यात्रा के तहत अन्य धामों के कपाट बंद होने की तिथियां भी घोषित की गई हैं। श्री गंगोत्री धाम के कपाट मंगलवार, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा के अवसर पर बंद होंगे। वहीं, श्री केदारनाथ और श्री यमुनोत्री धाम के कपाट बुधवार, 11 नवंबर को भैयादूज के अवसर पर बंद किए जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 8:30 बजे बंद होंगे।
मंदिर समिति की ओर से कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा के अवसर पर संत-महात्मा, मंदिर समिति के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी, तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।





