राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने अधिकारियों को एक सप्ताह में कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करने के दिए निर्देश

हरिद्वार, 18 अक्टूबर। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के बीच सफाई कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों की समस्याओं को लेकर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने डामकोठी में कुंभ मेला एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में पर्यावरण मित्रों की भर्ती, मानदेय में वृद्धि, आवास और खान-पान की व्यवस्था, मृतक आश्रितों को शैक्षिक योग्यता के अनुसार नियुक्ति तथा ठेका कर्मचारियों को समय पर वेतन देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।
संतोष गौरव ने मेला अधिकारी को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं और मांगों पर चर्चा की जाए तथा आवश्यक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दिसंबर में प्रस्तावित पर्यावरण मित्रों की भर्ती से पहले कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है।
500 रुपये प्रतिदिन के मानदेय पर जताई चिंता
बैठक में कुंभ मेले के दौरान पर्यावरण मित्रों को प्रस्तावित 500 रुपये प्रतिदिन के मानदेय का मुद्दा प्रमुखता से उठा। संतोष गौरव ने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कर्मचारियों के लिए इस मानदेय पर काम करना कठिन हो सकता है। ऐसे में मानदेय बढ़ाने के साथ आने-जाने के किराये, उचित आवास और खान-पान की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा से जुड़े विषय को भी महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, मानदेय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किए जाने की जानकारी दी।
मृतक आश्रितों को योग्यता के अनुसार नियुक्ति देने की मांग
बैठक में मृतक आश्रितों की नियुक्ति का मामला भी उठाया गया। संतोष गौरव ने कहा कि कुछ मामलों में इंटरमीडिएट और स्नातक तक शिक्षित अभ्यर्थियों को पर्यावरण मित्र के पद पर नियुक्त किए जाने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे मामलों की जांच कर शासनादेश के अनुरूप पात्र अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार लिपिक पद पर नियुक्ति देने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
ठेका कर्मचारियों के वेतन पर भी जोर
बैठक में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने की समस्या पर भी चर्चा हुई। आयोग के उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों से कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने और उनकी शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में पर्यावरण मित्रों की भर्ती से पहले उनकी बुनियादी सुविधाओं, मानदेय और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की जरूरत पर बल दिया गया।





