
बहादराबाद (हरिद्वार)।
राजकमल साइंस एंड मैनेजमेंट कॉलेज, बहादराबाद में “संस्कारिक एवं नैतिक शिक्षा” विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सत्यनिष्ठा और संस्कारों के महत्व से अवगत कराना था, ताकि वे एक जिम्मेदार नागरिक और सशक्त राष्ट्र निर्माता बन सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में गीताश्री लाइफ फाउंडेशन, सहारनपुर के संस्थापक डॉ. आनंद मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि आज के आधुनिक युग में शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि नैतिकता, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को विकसित करना है।
उन्होंने कहा, “संस्कारों और नैतिकता से परिपूर्ण शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। जब विद्यार्थी अपने जीवन में मूल्यों का पालन करते हुए समाज के प्रति कर्तव्य निभाते हैं, तभी देश आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनता है।”
डॉ. मिश्रा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने भीतर के नैतिक बल को पहचानें और जीवन के हर क्षेत्र में सत्य, ईमानदारी और सदाचार को सर्वोपरि रखें।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र चौहान ने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देना है। उन्होंने कहा कि सच्चा शिक्षित व्यक्ति वही है जो अपने आचरण, विचार और कर्म से समाज के लिए प्रेरणा बने।
कार्यक्रम में कॉलेज की सचिव श्रीमती राजेश देवी, प्रबंध समिति सदस्य दुष्यंत प्रताप, नितिन प्रताप, एवं प्रवक्तागण डॉ. नीरज शर्मा, डॉ. दीपा, डॉ. दीक्षा चौहान, डॉ. अनिरुद्ध कुमार, प्रवीण कुमार, अजय कुमार, इशिका पंडित, विनीत कुमार, आस्था यादव, सिया पाल, प्रिया सैनी, नैनसी चौहान, शिखा राठी, अरबाब राव, रवि कुमार, राजदेव रावत सहित समस्त स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नैतिक जागरूकता तथा राष्ट्रभावना को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाते हैं।



