
गंग नहर बंदी के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी, मेलाधिकारी सोनिका ने रात में किया स्थलीय निरीक्षण
हरिद्वार, 24 अक्टूबर। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार में श्रद्धालुओं को बेहतर स्नान सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नए घाटों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। हरिद्वार से बहादराबाद के बीच सिंचाई विभाग के माध्यम से नौ घाट विकसित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल लंबाई 2,966 मीटर है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में भी स्नान घाटों का निर्माण और विस्तार किया जा रहा है। गंग नहर बंदी की अवधि का लाभ उठाते हुए निर्माण कार्य दिन-रात जारी हैं।
निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए मेलाधिकारी सोनिका और अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने बीती रात विभिन्न घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। मेला प्रशासन की ओर से कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। निर्माण स्थलों पर श्रमिकों और मशीनों को लगाकर काम में तेजी लाई जा रही है तथा अलग-अलग घाटों पर अभियंताओं की तैनाती की गई है।
कई क्षेत्रों में बन रहे नए घाट
सिंचाई विभाग की ओर से अपर गंग नहर के बाएं तट पर शहीद भगत सिंह घाट से सिंहद्वार के बीच 321 मीटर लंबे कामधेनु घाट का निर्माण किया जा रहा है। अमरापुर घाट से ऋषिकुल पुल, शंकराचार्य चौक और तुलसी घाट क्षेत्र में कुल 770 मीटर लंबाई में घाट निर्माण के कार्य चल रहे हैं। वहीं, ऋषिकुल पुल से साक्षी सतनाम घाट के बीच 735 मीटर लंबे हिस्से में जानकी घाट, लक्ष्मण घाट और भरत घाट का निर्माण किया जा रहा है। अपर गंग नहर के दाएं तट पर नगर निगम कार्यालय के निकट 275 मीटर लंबे घाट का निर्माण भी जारी है।
इसके अतिरिक्त बैरागी कैंप में स्केप चैनल पर 260 मीटर लंबे स्नान घाट और खड़खड़ी के निकट 75 मीटर लंबे वेदनिकेतन घाट का निर्माण कराया जा रहा है। बहादराबाद क्षेत्र में बैरियर संख्या छह के निकट 200 मीटर लंबे छठ पूजा घाट का निर्माण किया जा रहा है। ज्वालापुर में जटवाड़ा पुल के अपस्ट्रीम क्षेत्र में 300 मीटर लंबे घाट के साथ दुर्गा मंदिर के निकट 30 मीटर लंबे घाट का निर्माण भी प्रस्तावित है।
हरकी पैड़ी क्षेत्र में भी निर्माण कार्य जारी
यूआईआईडीबी की हरकी पैड़ी क्षेत्र की पुनर्विकास योजना के तहत सीसीआर भवन के निकट से धनुष पुल के बीच 82 मीटर लंबे घाट का निर्माण कार्य भी चल रहा है।
कुंभ जैसे बड़े आयोजन में पर्याप्त स्नान घाटों की उपलब्धता श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ के व्यवस्थित संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नए घाट तैयार होने से स्नान के लिए उपलब्ध स्थानों में वृद्धि होगी और प्रमुख घाटों पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। मेला प्रशासन का लक्ष्य कुंभ-2027 से पहले सभी संबंधित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित स्नान सुविधाएं उपलब्ध कराना है।





