मेलाधिकारी सोनिका और आईजी कुंभ ने बहादराबाद से जगजीतपुर तक किया स्थलीय निरीक्षण, संसाधन बढ़ाकर दिन-रात काम करने पर जोर

हरिद्वार, 23 अक्टूबर। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के मद्देनजर हरिद्वार में राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को मेलाधिकारी सोनिका और आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने एनएचएआई तथा मेला-पुलिस अधिकारियों के साथ हरिद्वार बाईपास परियोजना के पैकेज-1 का स्थलीय निरीक्षण किया। बहादराबाद से सराय होते हुए जगजीतपुर तक निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए संसाधन और श्रमिकों की संख्या बढ़ाने तथा दिन-रात काम जारी रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सड़क संपर्क और यातायात प्रबंधन की तैयारियां समय रहते पूरी करना जरूरी है।
अधिकारियों ने बाईपास मार्ग के कुंभ के दौरान उपयोग, दक्षद्वीप पार्किंग तक वाहनों की आवाजाही और प्रवेश-निकास मार्गों की व्यवस्था पर भी चर्चा की। मेलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य इस तरह पूरे किए जाएं, जिससे पार्किंग स्थलों तक पहुंचने वाले वाहनों का आवागमन सुगम और व्यवस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए मेला प्रशासन आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा। परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। कार्यस्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि निर्माण कार्यों की गति पर लगातार नजर रखी जा सके।
मेलाधिकारी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से हरिद्वार को जोड़ने वाली निर्माणाधीन हरिद्वार स्पर परियोजना सहित राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी अन्य परियोजनाओं को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से कुंभ के दौरान यातायात का दबाव कम करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, एनएचएआई रुड़की खंड के परियोजना निदेशक पुनीत गर्ग, सीओ कुंभ उमेश कुमार मलिक, यातायात निरीक्षक हितेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





