
किशोरियों की सुविधाओं में सुधार, सड़क मरम्मत में गुणवत्ता और कण्वाश्रम के पर्यटन विकास पर दिया जोर
पौड़ी/कोटद्वार। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने रविवार, 18 अक्टूबर को कोटद्वार के सिम्बलचौड़ स्थित किशोरी संप्रेक्षण गृह, नवनिर्मित डे केयर सेंटर एवं ओपन शेल्टर, सड़क मरम्मत कार्यों और पौराणिक कण्वाश्रम का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार, निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के विकास के निर्देश दिए।
किशोरियों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
जिलाधिकारी ने किशोरी संप्रेक्षण गृह में रह रही किशोरियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं की जानकारी ली। उन्होंने आलंबन परियोजना के अंतर्गत किशोरियों को आजीविका एवं कौशल विकास के लिए दिए जा रहे 10 दिवसीय ऐपन और भीमल आर्ट प्रशिक्षण का अवलोकन किया। भीमल के रेशे से तैयार की जा रही कलाकृतियों को देखकर उन्होंने किशोरियों का उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने आगामी एक नवंबर से किशोरियों के लिए स्कूल वैन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पौड़ी स्थित विज्ञान संग्रहालय और उपजिलाधिकारी कार्यालय का एक्सपोजर विजिट कराने तथा टेबल टेनिस की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा।
संप्रेक्षण गृह की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने रसोई, डाइट चार्ट, एक्टिविटी रूम, रिहैबिलिटेशन रूम, कंसल्टिंग रूम, सेफ्टी रूम, ड्रेसिंग रूम और शौचालयों का जायजा लिया। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए महीने में कम से कम दो बार मेडिकल टीम भेजने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किशोरियों को दशहरा और दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं।
डे केयर सेंटर जल्द शुरू करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने नवनिर्मित डे केयर सेंटर एवं ओपन शेल्टर का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की शेष फिनिशिंग शीघ्र पूरी करने को कहा। उन्होंने केंद्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए इसे जल्द शुरू कर उपयोग में लाने के निर्देश दिए।
सड़क मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर सख्ती
देवी रोड और मालन पुल डिग्री कॉलेज से मवाकोट तक चल रहे पैचवर्क कार्यों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मरम्मत कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोष सुधार अवधि में चल रही सड़कों की नियमित निगरानी करने और किसी भी कमी को समय रहते दूर करने को कहा।
कण्वाश्रम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की तैयारी
इसके बाद जिलाधिकारी ने पौराणिक कण्वाश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय को लीज पर दी गई वन भूमि के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों से संवाद कर उन्होंने पठन-पाठन की गुणवत्ता की जानकारी ली। आश्रम के भोजनालय का निरीक्षण करते हुए उन्होंने साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। भोजनालय में 50 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। जिलाधिकारी ने खाद्य अभिहित अधिकारी को भी भोजनालय का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
कण्वाश्रम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को आमजन एवं पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी ने मंदिर के प्रवेश द्वार पर एलईडी सूचना पट्ट लगाने को कहा। उन्होंने मंदिर मार्ग के विकास, आश्रम के प्रवेश पर बड़े आकार का वुडेन लुक वाला गेट लगाने और प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नेचर ट्रेल विकसित करने के लिए आगणन तैयार करने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जिलाधिकारी ने वन विभाग की नर्सरी का भी निरीक्षण किया और वहां नक्षत्र वाटिका, पर्यावरण उद्यान तथा कैफे के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार, तहसीलदार राजेंद्र सनवाल, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता कपिल कुमार, वन विभाग के एसडीओ सुधीर कुमार और वन दरोगा वीसी जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





