भारतीय किसान यूनियन वेलफेयर फाउंडेशन ने प्रशासन से की मांग, प्रदेश कार्यालय बहादराबाद में बैठक कर बनाई रणनीति

बहादराबाद, हरिद्वार। ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे को लेकर भारतीय किसान यूनियन वेलफेयर फाउंडेशन ने जिला प्रशासन से किसानों के खेतों में जाकर वास्तविक सर्वे कराने की मांग की है। संगठन ने कहा कि प्रभावित किसानों को फसल नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पवन चौहान ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से कराया जा रहा सर्वे धरातल पर सही तरीके से नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर बैठकर या खड़े होकर सर्वे करने से फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं हो सकता। सर्वे टीम को किसानों के खेतों तक पहुंचकर फसलों की स्थिति देखनी चाहिए और किसानों से बातचीत करने के बाद नुकसान का आकलन करना चाहिए।
पवन चौहान ने दावा किया कि हरिद्वार ग्रामीण और ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के आसपास के कई इलाकों में अभी तक न तो सही तरीके से सर्वे हुआ है और न ही प्रभावित किसानों को मुआवजा मिला है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से सर्वे कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे।
वहीं, जिला प्रशासन की ओर से पहले ही कहा गया है कि फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है और प्रभावित किसानों को मुआवजा भी दिया जा रहा है। ऐसे में संगठन ने सर्वे की वास्तविक स्थिति की जांच कराते हुए प्रभावित किसानों को जल्द राहत देने की मांग उठाई है।
इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन वेलफेयर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश कार्यालय बहादराबाद में बैठक कर विचार-विमर्श किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पवन चौहान, राष्ट्रीय सलाहकार प्रियव्रत, दिनेश चौहान, फोनी, चिंटू सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।





