पाइपलाइन से सिल्ट और मिट्टी हटाकर जल निकासी की सुचारू, नाले के अपस्ट्रीम क्षेत्र में चलाया सफाई अभियान
हरिद्वार, 29 अक्टूबर। गंगा नदी में गंदा पानी गिरने की खबर और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संज्ञान लिया है। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने संबंधित अधिकारियों के साथ नई सोता नाले की टैपिंग व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पाइपलाइन में जमा सिल्ट और मिट्टी को हटाकर जल निकासी व्यवस्था सुचारू कराई गई।
उत्तराखंड जल संस्थान की अनुरक्षण शाखा, गंगा के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान नई सोता नाले की पाइपलाइन में सिल्ट और मिट्टी जमा होने से जल निकासी प्रभावित होने की स्थिति सामने आई। इसके बाद पाइपलाइन की सफाई कर जल निकासी को सुचारू किया गया। साथ ही नाले के पूरे अपस्ट्रीम क्षेत्र में सघन सफाई अभियान चलाया गया, ताकि जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को नाले की सफाई तथा टैपिंग व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल निकासी में किसी भी प्रकार की बाधा सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
घरों और प्रतिष्ठानों के दूषित पानी पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से बातचीत कर घरों और प्रतिष्ठानों का दूषित पानी नाले में न छोड़ने की अपील की। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी घर या प्रतिष्ठान का दूषित पानी नाले में छोड़ा जाता पाया गया तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, सहायक अभियंता ब्रजमोहन रावत, अपर सहायक अभियंता निधि सेठी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि शेखर, नगर निगम की टीम और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






