नवंबर में निर्वाचन आयोग की टीम करेगी दौरा, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का लेगी जायजा

देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावी प्रक्रिया के अहम चरण के तहत 23 अक्टूबर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट की जांच शुरू होगी। वहीं, नवंबर में भारत निर्वाचन आयोग की टीम प्रदेश का दौरा कर चुनावी तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील मतदान केंद्रों की स्थिति का जायजा लेगी।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, ईवीएम और वीवीपैट की जांच जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की निगरानी में की जाएगी। इस दौरान संबंधित मशीनों की तकनीकी स्थिति और कार्यक्षमता परखी जाएगी। प्रक्रिया में मशीनों से जुड़ी कंपनियों के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित करना है।
नवंबर में आयोग की टीम का प्रस्तावित दौरा
विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम नवंबर में उत्तराखंड पहुंच सकती है। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, टीम का दौरा लगभग 15 नवंबर के आसपास प्रस्तावित है। इस दौरान प्रदेश में चुनावी व्यवस्थाओं, प्रशासनिक तैयारियों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
आयोग की टीम संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की स्थिति का आकलन करने के साथ पुलिस विभाग से सुरक्षा इंतजामों की जानकारी भी ले सकती है। हालांकि, दौरे का अंतिम कार्यक्रम आधिकारिक रूप से घोषित होना बाकी है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर भी नजर
चुनावी तैयारियों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण भी अहम रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर के पहले सप्ताह से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने की संभावना है। इसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
ईवीएम-वीवीपैट की जांच, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग की प्रस्तावित समीक्षा के साथ प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक रूप से की जाएगी।





