रावण के अहंकार और वीर अंगद के पराक्रम का जीवंत मंचन, थाना अध्यक्ष ने नशे और साइबर ठगी के प्रति किया जागरूक

बहादराबाद, हरिद्वार। ग्राम बहादुरपुर जट में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला में देर रात रावण-अंगद संवाद की लीला का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध से पहले शांति का संदेश लेकर पहुंचे वीर अंगद के ओजस्वी संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही अंगद ने रावण के दरबार में अपना पैर जमाकर चुनौती दी, पूरा रामलीला पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला के डायरेक्टर धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि समुद्र पर सेतु निर्माण पूरा होने के बाद भगवान श्रीराम ने लंका पर चढ़ाई की तैयारी की। इसी दौरान रावण के भाई विभीषण ने भगवान श्रीराम की शरण ली। विभीषण ने बताया कि उन्होंने रावण को माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाकर युद्ध टालने की सलाह दी थी, लेकिन अहंकार में डूबे रावण ने उनकी बात नहीं मानी और उन्हें लंका से निष्कासित कर दिया। भगवान श्रीराम ने विभीषण को शरण देकर लंका विजय के बाद उन्हें राजा बनाने का वचन दिया।
इसके बाद युद्ध से पहले अंतिम बार संधि का प्रयास करने के लिए वीर अंगद को रावण के दरबार में दूत बनाकर भेजा गया। अंगद ने रावण को समझाया कि वह अहंकार त्यागकर भगवान श्रीराम से क्षमा मांगे और माता सीता को लौटा दे। लेकिन रावण ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इस पर अंगद ने दरबार में अपना पैर जमा दिया और चुनौती दी कि यदि कोई योद्धा उनका पैर हिला देगा तो श्रीराम लंका से लौट जाएंगे। रावण के दरबार के तमाम योद्धा अपनी पूरी शक्ति लगाने के बावजूद अंगद का पैर नहीं हिला सके।
अंत में जब रावण स्वयं आगे बढ़ा तो अंगद ने अपना पैर पीछे खींच लिया और उसे भगवान श्रीराम के चरण पकड़कर कल्याण का मार्ग अपनाने की सीख दी। इस प्रभावशाली दृश्य ने दर्शकों में उत्साह भर दिया और पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
थाना अध्यक्ष ने नशे और साइबर ठगी के प्रति किया जागरूक
रामलीला के दौरान पथरी थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने क्षेत्रवासियों को नशे के दुष्प्रभावों और बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि शराब, स्मैक और अन्य नशीले पदार्थ युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं। नशे की लत से न केवल स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ता है।
उन्होंने साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि लॉटरी लगने या कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करने चाहिए। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के प्रधान धीर सिंह, डायरेक्टर धर्मेंद्र चौहान, जिला पंचायत सदस्य सोनवीर पाल, जीवेंद तोमर, रेणु चौधरी, शिवा चौधरी, राकेश कुक्कू, कृष्ण पाल चौधरी, अजमेर कश्यप, अमन कश्यप, प्रदीप पाल और जोगेंद्र कश्यप सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कमेटी पदाधिकारियों ने थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार का आभार जताया।





