साइलेज फेडरेशन को 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर का लक्ष्य, डॉ. धन सिंह रावत ने नए कार्यालय का किया शुभारंभ

3.50 करोड़ रुपये से शुरू हुआ कारोबार 50 करोड़ के पार, 2500 से अधिक किसान और 10 हजार से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना ग्रामीण महिलाओं को घास ढोने की कठिनाइयों से राहत देने के साथ मक्का उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालकों को पौष्टिक पशु आहार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी दिशा में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने रविवार को देहरादून के अजबपुर स्थित साइलेज फेडरेशन के नवनिर्मित कार्यालय का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने फेडरेशन को आगामी एक वर्ष में 100 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर हासिल करने का लक्ष्य दिया।
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। साइलेज फेडरेशन का विस्तार कर राज्य के प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों को इससे जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मिल सकेगा और उन्हें आर्थिक लाभ होगा।
3.50 करोड़ से शुरू हुआ कारोबार 50 करोड़ के पार
सहकारिता मंत्री ने बताया कि साइलेज फेडरेशन ने वर्ष 2019 में उत्तराखंड सहकारी विकास परियोजना (यूकेसीडीपी) से प्राप्त 3.50 करोड़ रुपये के ऋण के माध्यम से कारोबार शुरू किया था। शुरुआत में 375 मक्का उत्पादक किसानों और एम-पैक्स के सहयोग से शुरू हुई यह पहल अब बड़े स्तर पर पहुंच चुकी है। वर्तमान में फेडरेशन का वार्षिक टर्नओवर 50 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि मक्का उत्पादक किसानों को अब तक 15 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 2500 से अधिक किसान और 10 हजार से ज्यादा महिलाएं इस व्यवस्था से लाभान्वित हो रही हैं। करीब 200 एम-पैक्स के माध्यम से पशुपालकों तक साइलेज पहुंचाया जा रहा है। वितरण व्यवस्था में सहयोग करने वाली सहकारी समितियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में अब तक 2.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
टीएमआर यूनिट से मिलेगा संतुलित पशु आहार
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण और संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने के लिए टीएमआर (टोटल मिक्स्ड राशन) यूनिट स्थापित की गई है, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा। इससे हरे चारे की कमी दूर करने और पशुओं को बेहतर पोषण देने में मदद मिलेगी। साथ ही दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दूध की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि साइलेज उत्पादन और वितरण की मजबूत व्यवस्था किसानों, पशुपालकों तथा सहकारी समितियों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देगी। राज्य सरकार की ओर से पशुपालकों को अब तक 80 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया जा चुका है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना सरकार की प्राथमिकता है। साइलेज फेडरेशन के विस्तार से मक्का उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ पशुपालकों तक पौष्टिक पशु आहार पहुंचाने की व्यवस्था भी मजबूत होगी।
कार्यक्रम में साइलेज फेडरेशन के अध्यक्ष हर्षुल वर्मा, प्रबंध निदेशक मोनिका चुनेरा, संयुक्त निबंधक रविंद्री मंदरवाल, महाप्रबंधक सुमन कुमार, उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंधक सुशील तिवारी सहित फेडरेशन के निदेशक और अन्य कार्मिक मौजूद रहे।





