बिना लाइसेंस चल रहा मिला होटल गंगा किनारे का किचन-रेस्टोरेंट, गंदगी और नियमों की अनदेखी पर चालान

त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा को लेकर विभाग सख्त, खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर चार वाद न्यायालय में दायर
प्रमेन्द्र नारायण
हरिद्वार, 15 अक्टूबर। त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरिद्वार में सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से 83 खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई, जिनमें 18 नमूने अधोमानक पाए गए। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों से अधोमानक खाद्य सामग्री को तत्काल नष्ट कराया। वहीं, छह विधिक नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन महिमानंद जोशी के नेतृत्व में खाद्य प्रतिष्ठानों, होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंटों और फुटकर विक्रेताओं का औचक निरीक्षण किया गया।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा ने ज्वालापुर के कटहरा बाजार, अनाज मंडी, जटवाड़ा पुल, कृष्णानगर कनखल, शिवमूर्ति चौक और मायापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में जांच की। इस दौरान कुट्टू के आटे के तीन, बादाम का एक, किशमिश का एक और गाय के दूध का एक विधिक नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया।
बिना लाइसेंस होटल का संचालन, रसोई में मिली गंदगी
निरीक्षण के दौरान निरंजनी अखाड़ा रोड, मायापुर स्थित होटल गंगा किनारे के किचन और रेस्टोरेंट में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। प्रतिष्ठान बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित पाया गया। रसोई में खाद्य पदार्थों का भंडारण, रखरखाव और निर्माण बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था।
होटल प्रबंधन पेयजल एवं खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल के अभिलेख, कर्मचारियों के चिकित्सकीय परीक्षण और प्रशिक्षण संबंधी दस्तावेज तथा साफ-सफाई के रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की संबंधित धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की। संबंधित प्रावधानों में अधिकतम 10 लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है।
83 खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच, 18 अधोमानक
सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के नोडल अधिकारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में शिवमूर्ति चौक, जस्सा राम रोड और गुजराती गली सहित विभिन्न क्षेत्रों में रेस्टोरेंटों, ढाबों, मिठाई की दुकानों और परचून की दुकानों पर खाद्य पदार्थों की जांच की गई।
जांच के दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नौ, तेल और घी के 12, अनाज एवं उससे बने उत्पादों के तीन, मिठाइयों के 14 और मसालों के 45 नमूनों की जांच की गई। इनमें दूध एवं दुग्ध उत्पादों के दो, मिठाइयों के चार और मसालों के 12 नमूने अधोमानक पाए गए। कुल 18 नमूनों के अधोमानक मिलने पर संबंधित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। मात्रा कम होने के कारण इन खाद्य पदार्थों के विधिक नमूने नहीं लिए जा सके।
पनीर विक्रेता समेत चार मामलों में न्यायालय पहुंचा विभाग
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर विभाग ने कार्रवाई तेज करते हुए अधोमानक पनीर के विक्रय और अन्य अनियमितताओं के मामलों में एक होटल संचालक तथा एक पनीर सप्लायर/थोक विक्रेता के विरुद्ध न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किए। भीमगौड़ा स्थित एक अन्य रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए वाद दायर किया गया। इसके अलावा रुड़की में बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करने पर वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडेय ने एक कारोबारी के विरुद्ध वाद दायर किया। इस प्रकार विभाग ने कुल चार वाद न्यायालय में प्रस्तुत किए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों एवं आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता बनाए रखने, वैध लाइसेंस के साथ कारोबार करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।





