
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है। विजयादशमी हमें सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को पहचानकर उन्हें दूर करने का अवसर भी है। अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग कर समाज में सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रावण के पास अपार शक्ति और संपत्ति थी, लेकिन अहंकार और मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में त्याग, संयम और कर्तव्यपालन के आदर्श स्थापित किए।
धामी ने कहा कि भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं की रक्षा के साथ प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि कब्जे से मुक्त कराई गई है। सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने समान नागरिक संहिता को समानता और न्याय की भावना मजबूत करने वाली पहल बताया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराना और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। नकल जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और युवाओं के कौशल विकास पर भी जोर दे रही है।
धामी ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित है। सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। प्रदेश में निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ स्थानीय व्यापारियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराज्य की मूल भावना न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी जरूरी है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और सत्य, धर्म, मर्यादा तथा कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसा उत्तराखंड बनाया जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।





