
बहादराबाद। (प्रमेन्द्र नारायण)
जिला पंचायत हरिद्वार में विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम पंचायत अत्मलपुर बौगला में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ सड़क का निर्माण पूरा तो दूर, आधी भी नहीं हुआ, लेकिन मौके पर सड़क निर्माण का बोर्ड लगाकर कुछ जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद को हीरो साबित करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
स्थल पर लगाए गए बोर्ड में दर्शाया गया है कि प्रदीप के घर से गोगामेड़ी तक टाइल्स सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जबकि हकीकत यह है कि गोगामेड़ी तक सड़क अभी अधूरी है और निर्माण कार्य केवल आंशिक रूप से ही किया गया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उक्त बोर्ड पर सड़क निर्माण की कुल लागत का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जो सरकारी कार्यों में अनिवार्य माना जाता है। इससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क पूरी बनी ही नहीं, तो उसे पूर्ण दर्शाकर बोर्ड क्यों लगाया गया? क्या यह केवल कागजों में विकास दिखाने का खेल है या फिर सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।
मामले को लेकर अब लोगों में नाराजगी है और जिला पंचायत तथा संबंधित विभाग से उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है। सवाल यह भी है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस पर क्या जवाब देंगे और क्या अधूरे निर्माण की सच्चाई सामने लाई जाएगी।


