
हरिद्वार। बहादराबाद में नहर बंद होते ही पुराना बिजली घर से सलेमपुर रोड स्थित नदी क्षेत्र में कथित अवैध खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 50 से अधिक मजदूरों को लगाकर नदी से रेत निकाली जा रही है। इसके बाद छोटा हाथी टेंपो और अन्य वाहनों के माध्यम से रेत को सड़क किनारे बने स्टॉक तक पहुंचाकर सप्लाई किया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह काम बिना परमिशन और बिना टेंडर के दिन-रात चल रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है? खनन विभाग और प्रशासन की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही है?

यदि रेत का खनन बिना अनुमति किया जा रहा है, तो सरकारी राजस्व को होने वाले संभावित नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा? अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।





