
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मंत्री ने सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो जारी कर अपनी पीड़ा जाहिर की और अपनी तथा अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उनके वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ऑडियो रिकॉर्डिंग से बढ़ा विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रेखा आर्य ने वीडियो में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसमें उनके पति एक महिला के साथ मिलकर उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश से जुड़ी बातचीत कर रहे हैं। मंत्री का कहना है कि इस रिकॉर्डिंग ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। हालांकि, कथित ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मारपीट, उत्पीड़न और जालसाजी के आरोप
रेखा आर्य ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पति ने विवाह के समय अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने मारपीट, दुर्व्यवहार और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। इसके अलावा, कंपनी में निदेशक पद से हटाने के लिए दस्तावेजों पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का आरोप भी शिकायत में शामिल बताया गया है।
कैंट थाने में प्राथमिकी, जांच शुरू
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायत के आधार पर कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में मारपीट, आपराधिक धमकी, जालसाजी, कथित साजिश और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित प्रावधान शामिल बताए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज
प्रदेश सरकार की एक वरिष्ठ महिला मंत्री की ओर से अपने पति के खिलाफ इतने गंभीर आरोप लगाए जाने और भावुक वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। रेखा आर्य ने महिलाओं से घरेलू उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की है।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों को अभी आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; उनकी सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।





