
हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 के दृष्टिगत तीर्थनगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए मंगलवार को हरकी पौड़ी से विशेष स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर मेलाधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में शुरू हुआ यह अभियान 7 नवंबर तक जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के नेतृत्व में आयोजित अभियान में श्रीगंगा सभा, नगर निगम, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया। अभियान के दौरान गंगा घाटों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई। इस दौरान लगभग दो कुंतल सूखा एवं गीला कूड़ा एकत्र किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन और आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं। मां गंगा की पवित्रता बनाए रखने और धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए सभी की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने जनपदवासियों से अभियान में सहयोग करने की अपील की।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक संगठनों, संत समाज, जनप्रतिनिधियों, औद्योगिक इकाइयों और आमजन से अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जा सकती है और हरिद्वार को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
राज्य मंत्री एवं श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि तीर्थनगरी की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कुंभ मेले के मद्देनजर हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए धार्मिक संस्थानों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को आगे आना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर वातावरण मिल सके।
नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पवन कार्की ने भी लोगों से स्वच्छता अभियान में पूर्ण सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही हरिद्वार को स्वच्छ बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर श्रीगंगा सभा से वीरेंद्र कौशिक, अनुराग सरदार, हिमांशु, अनुराग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, नगर निगम के पर्यावरण मित्र और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।





